जब डर कहता है, “क्या हुआ”, तो बस उसी तरह ध्यान रखना, विश्वास कहता है “भले ही”..!
तेरा विश्वास तेरे भय से बड़ा हो; आप जिस चीज की आशा करते हैं उस पर भरोसा रखें और जो आप नहीं देखते उसके बारे में आश्वस्त रहें..
यदि तुम मुझ में बने रहोगे और मेरे वचन तुम में बना रहेगा, तो तुम जो चाहो मांग सकते हो, और वह मिल जाएगा!
आप जिस ईश्वर की पूजा करते हैं वह वफादार है..!!
ईश्वर लोगों की तरह नहीं है। वह झूठ नहीं बोलता। वह इंसानों जैसा नहीं है। वह अपना विचार नहीं बदलता है। जब वह कुछ कहता है, तो वह करता है। जब वह कोई वादा करता है, तो वह उसे रखता है ..
“मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है? ईश्वर मेरे साथ मेरी तरफ, मैं आने वाली चीज़ों से नहीं डरूंगा। मेरा हृदय परमेश्वर की स्तुति और उसके वादों के लिए उमड़ पड़ता है। मैं हमेशा उस पर भरोसा रखूंगा। ”……”(स्त्रोत्र ग्रंथ 56:11)
November 3
Everyone must submit himself to the governing authorities, for there is no authority except that which God has established. The authorities that exist have been established by God. —Romans 13:1.