यह निराशावाद का युग है, फिर भी हमारा विश्वास का मिशन है, प्रभु में आनंद का मिशन है..!
विश्वास पृथ्वी पर प्रभु के कार्य की गवाही और शक्ति का आधार है और यीशु ने क्रूस पर हमारे लिए क्या किया।
लोगों के दिल में बस जाती है..
हर बार जब हम परमेश्वर के वचन के साथ प्रार्थना करते हैं, हम अपने विश्वास का निर्माण करते हैं और परमेश्वर का हर वादा पूरा होता है•••
इसलिए जो कुछ तुम विश्वास करते हो उसकी घोषणा करते रहो, क्योंकि मनुष्य तुमसे वह नहीं ले सकता जो परमेश्वर ने अपने विश्वास से भरे विश्वासियों के लिए नियत किया है..!
और यह आत्मविश्वास, आश्वासन, साहस का विशेषाधिकार है जो हमारे पास उस में है: हमें यकीन है कि अगर हम कुछ भी मांगते हैं, तो उसकी इच्छा के अनुसार उसकी अपनी योजना के अनुसार कोई भी अनुरोध करते हैं, वह हमारी सुनता है और सुनता ही है।
इसलिए हम भरोसे के साथ अनुग्रह के सिंहासन के पास जायें, जिससे हमें दया मिले और हम वह कृपा प्राप्त करें, जो हमारी आवश्यकताओं में हमारी सहायता करेगी
(इब्रानियों4:16)
November 3
Everyone must submit himself to the governing authorities, for there is no authority except that which God has established. The authorities that exist have been established by God. —Romans 13:1.