जब शैतान मनुष्य को परमेश्वर के लोगों की निन्दा करता है (झूठे और हानिकारक बयान देता है), तो वह वास्तव में परमेश्वर के साथ ऐसा कर रहा है•••
मनुष्य की झूठी निंदा और बहिष्करण ईश्वर के कोप को भड़काती है..!
दुष्ट की हरकतों (चाल) को प्रभु स्वयं डांटेंगे•••
कोई भी हथियार जो आपके खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है वह सफल नहीं होगा। जो कोई आप पर आरोप लगाएगा उसके लिए आपके पास जवाब होगा। यह ईश्वर के सेवकों का भाग्य है•••
उनकी जीत मेरे द्वारा होती है, “यह परमेश्वर घोषणा करता है ..
प्रिय, बदला लेने के लिए जुनूनी मत बनो, लेकिन इसे भगवान के धर्मी न्याय पर छोड़ दो। वचन कहता है :
“प्रतिशोध मेरा अधिकार है, और मैं चुकाऊंगा,” प्रभु कहते हैं•••
हाँ, और ईश्वर मुझे हर बुरे हमले से छुड़ाएगा और मुझे अपने स्वर्गीय राज्य में सुरक्षित पहुंचाएगा. ईश्वर की महिमा हमेशा और हमेशा के लिए! आमेन..
“और परमेश्वर ने शैतान से कहा, हे शैतान, मैं, ईश्वर, तेरे दोषारोपण को ठुकराता हूं। हाँ, प्रभु, जिस ने यरूशलेम को चुना है, तुझे डांटता है। यह आदमी एक जलती हुई छड़ी की तरह है जिसे आग से छीन लिया गया है। ”……”(जकरिया 3:2)
November 3
Everyone must submit himself to the governing authorities, for there is no authority except that which God has established. The authorities that exist have been established by God. —Romans 13:1.