जब हम परीक्षाओं के बीच में आशा करते हुए परमेश्वर की प्रतीक्षा करते हैं, तो परमेश्वर अचानक से परीक्षाओं पर विजय दिलाता है ..!
हम कैसे प्रतीक्षा करते हैं यह निर्धारित करेगा कि हम कितनी देर प्रतीक्षा करते हैं – परमेश्वर में विश्वास इस मिश्रण का अंतिम घटक है जो हमें हमारी महानता की ओर प्रेरित करेगा••••
उसकी उपस्थिति में अपने दिल को शांत करें
और सब्र से प्रभु की बाट जोहते रहे••••
और एक पल के लिए भी यह मत सोचो कि दुष्ट अपनी समृद्धि में,
आप से बेहतर हैं..
इसलिए अधीर मत होइए ईश्वर को कार्य करने दे;
उसके मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहो,
और वह तुम्हें ऊंचा उठाएगा, जिससे तुम देश को अपने अधिकार में कर सको••••
आप अपनी आँखों से देखोगे,
दुष्टों को सब कुछ खोते हुए••••
मैं इंतज़ार किया और इंतज़ार किया और कुछ और इंतज़ार किया,
धैर्यपूर्वक, यह यह जानते हुए कि परमेश्वर मेरे लिए आएगा••••
और फिर अंत में ईश्वर ने झुक कर मेरी दुहाई सुनी••••
वह मुझे गहरी खाई से बाहर निकलने के लिए नीचे झुका•••••
मुझे उस कीचड़ भरी गंदगी में से निकला , जिसमें मैं गिर गया था•••••
अब उसने मुझे एक दृढ़, सुरक्षित स्थान पर उठा लिया है
और जब मैं उसके आरोही पथ पर चल रहा था, तब मुझे स्थिर किया..
एक नए दिन के लिए एक नया गीत मुझमें उमड़ता है
हर बार मैं सोचता हूँ कि वह मेरे लिए कैसे टूटता है!
जब तक मेरे मुंह से उन्मादपूर्ण स्तुति निकलती है
हर कोई सुनता है कि ईश्वर ने मुझे कैसे मुक्त किया है••••
बहुत से लोग उसके चमत्कार देखेंगे;
वे परमेश्वर के प्रति विस्मय में खड़े होंगे और उसके प्रेम में पड़ेंगे•••!
“ फिर भी प्रभु तुम पर कृपा दिखाना चाहता है। वह तुम पर तरस खाने के लिए उठ खड़ा हो रहा है; क्योंकि प्रभु न्यायप्रिय प्रभु है। धन्य हैं वे, जो उसका भरोसा करते हैं!”(इसायाह 30:18)
November 3
Everyone must submit himself to the governing authorities, for there is no authority except that which God has established. The authorities that exist have been established by God. —Romans 13:1.