हम सभी को मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, चाहे हम कितने भी कृपापात्र क्यों न हों••••••!
परमेश्वर के सत्य के वचन और अच्छे जीवन के सिद्धांत मनुष्य की इंद्रियों को आकर्षित नहीं कर सकते हैं, लेकिन, यदि हम वही करते हैं जो हमारी इंद्रियां कहती हैं, तो हम मार्गदर्शन के बिना एक चीज से दूसरी चीज की ओर भटक रहे होंगे, औरअपनी बुलाहट और आशीर्वाद से वंचित हो जायेंगे•••••••
एक अच्छे और धर्मी व्यक्ति के कदम प्रभु द्वारा निर्देशित और स्थापित किए जाते हैं,
और वह उसके मार्ग से प्रसन्न होता है और उसके मार्ग को आशीष देता है।
जब वह गिरेगा, तो वह नीचे नहीं गिराया जाएगा,
क्योंकि प्रभु वह है जो उसका हाथ थामे और उसे सम्भालता है•••••
मैं जवान था और अब बूढ़ा हो गया हूँ,
तो भी मैं ने धर्मी को नहीं देखा; जो लोग परमेश्वर दाहिने खड़े हैं, त्याग दिए गए हैं
या उसके वंशज रोटी की याचना करते हैं•••••
“प्रभु इज़रायल का परमपवन ईश्वर, तुम्हारा उद्धारक यह कहता है; मैं प्रभु तुम्हारा ईश्वर हूं। मैं तुम्हें कल्याण की बातें बतलाता हूं और मार्ग में तुम्हारा पथप्रदर्शन करता हूं….”(इसायाह 48:17)
September 18
Do nothing out of selfish ambition or vain conceit, but in humility consider others better than yourselves. Each of you should look not only to your own interests but also