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येशु हमारी आशा, अनुग्रह, प्रावधान और उद्धार है..!
एक नया मन हमें मसीह यीशु में अपनी वास्तविक पहचान को पहचानने में मदद करता है और हम अब पाप की शक्ति के गुलाम नहीं हैं••••
अपने दिमाग को नवीनीकृत करना अधिक स्वस्थ, आनंदमय और शांतिपूर्ण जीवन जीने का एक शानदार तरीका है••••
अपने मन को नवीनीकृत करने, अपने सोचने के तरीके को बदलने से आपके लिए एक बेहतर जीवन और एक ऐसा जीवन बनता है जो ईश्वर का सम्मान करता है•••
अपने दिमाग को नवीनीकृत करने के लिए पांच कदम
1. अपने मन की रक्षा करने और उसे निर्देशित करने में प्रभु से आपकी सहायता करने के लिए कहें।
2. आत्म-केंद्रित और आत्म-पराजय विचारों के स्रोत को पहचानें।q
3. परमेश्वर के वचन के माध्यम से आत्म-केंद्रित सोच को ईश्वर-केंद्रित मानसिकता में बदलें।
4. इस सच्चाई में विश्राम करें कि आप यीशु मसीह के द्वारा स्वीकार किए जाते हैं।
5. 1-4 तक की प्रक्रिया प्रतिदिन दोहराएं।
ईश्वर आपकी निंदा नहीं करता है, इसलिए जान लें कि आत्म-निंदा के विचार ईश्वर की ओर से नहीं हैं। ईश्वर के प्रेम में कोई भय नहीं है, इसलिए जब आप डर या पराजित महसूस करते हैं, तो आप उन विचारों को भी सुरक्षित रूप से अनदेखा कर सकते हैं..
परमेश्वर चाहता है कि आप उसके पुत्र यीशु की तरह परिवर्तित हो जाएं, जो पूरी तरह से पिता की इच्छा पर था••••
“.….क्योंकि जो शरीर की वासनाओं सें संचालित हैं, वे शरीर की बातों की चिन्ता करते हैं और इसका परिणाम मृत्यु है: जो आत्मा से संचालित हैं, वे आत्मा की बातों की चिन्ता करते हैं और इसका परिणाम जीवन और शान्ति है।”.(रोमियो 8:5-6)

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September 18

Do nothing out of selfish ambition or vain conceit, but in humility consider others better than yourselves. Each of you should look not only to your own interests but also

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September 17

You were once darkness, but now you are light in the Lord. Live as children of light…—Ephesians 5:8. Our before and after: we were lost, now found; we were darkness, now

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September 16

Who is wise and understanding among you? Let him show it by his good life, by deeds done in the humility that comes from wisdom. —James 3:13. James promised that

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